A Simple Key For ke saath hi kriya hoti hai. Unveiled
नौ दिनों तक मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।सामग्री तैयार करें: मिट्टी का पात्र (जिसमें जौ उगाने के लिए मिट्टी भरी हो)
* ऐसी बीमारियां जिनका इलाज संभव नहीं है, वह भी काली की पूजा से समाप्त हो जाती हैं।
यह समय साधक को आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
लगा दें इसे, मिटेगा कष्ट-क्लेश, आएगी बरकत!
विश्वविद्यालय फर्जी मार्कशीट बांट रहा था.
गुप्त नवरात्रि अंतिम दिन दुर्गा पूजा के बाद घट विसर्जन करें।
* काली के पूजक पर काले जादू, टोने-टोटकों का more info प्रभाव नहीं पड़ता।
अखंड दीपक जलाएं और नौ दिनों तक जलने दें।
मंत्र साधना: साधक अपनी साधना के अनुसार गुरु से प्राप्त मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
देवी की कृपा से जीवन से नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है।
कलश के ऊपर नारियल रखें। नारियल को लाल वस्त्र में लपेटकर कलावा से बांधें।
इस दौरान कलश स्थापना करना शुभ रहेगा. आप पहले से तैयारी कर लें और शुभ मुहूर्त के अंदर ही कलश स्थापना कर लें.
पूजा आरंभ करें: दीपक जलाकर देवी का आवाहन करें।
फिर कलश को लाल कपड़े से लपेटें और कलावा के माध्यम से उसे बांधें।